दिल्ली में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 33.13 लाख से अधिक मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारियों में विसंगतियों और गड़बड़ियों के चलते नोटिस जारी किए गए हैं।
इस नोटिस सूची में देश के कई प्रमुख राजनेता, वरिष्ठ अधिकारी और वीवीआईपी नाम भी शामिल हैं।
मुख्य बिंदु:
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प्रमुख हस्तियों को नोटिस:
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भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, उनकी पुत्री प्रतिभा और बहू गीतिका को 2002 की SIR सूची से रिकॉर्ड मैप न होने के कारण नोटिस मिला है (जबकि उनके बेटे जयंत की मैपिंग पूरी हो चुकी है)।
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनकी पत्नी क्योको जयशंकर को ‘पिछली SIR से मैपिंग न होने’ के कारण नोटिस भेजा गया है।
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चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को नाम में अंतर, तथा उनके पुत्र दमनबीर को माता-पिता के नाम में भिन्नता के चलते नोटिस दिया गया है।
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पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश, विदेश सचिव विक्रम मिस्री, कपिल सिबल, वीरेंद्र सचदेवा और सुधांशु मित्तल जैसे दिग्गज भी इस सूची में शामिल हैं।
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समय-सीमा और आगे की प्रक्रिया:
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प्रभावित मतदाताओं को 29 अक्टूबर तक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष अपने जरूरी दस्तावेज और जवाब प्रस्तुत करने होंगे।
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SIR का दावा और आपत्ति चरण 30 सितंबर तक जारी रहेगा।
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अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित की जाएगी।
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कानूनी कार्रवाई:
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दिल्ली में चलाए जा रहे इस SIR अभियान के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
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SIR का व्यापक दायरा:
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देश भर के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR का तीसरा चरण (30 मई से 23 दिसंबर तक) चल रहा है, जिसके तहत कुल 36.73 करोड़ वोटरों का सत्यापन किया जा रहा है।
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उदाहरणस्वरूप, नगालैंड में SIR के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में से मृत, अनुपस्थित या डुप्लीकेट पाए गए लगभग 1.59 लाख नाम हटा दिए गए हैं।
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