रायगढ़: चक्रधर समारोह में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा के हास्य-व्यंग्य ने मोहा दिल, अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने बांधा समां
रायगढ़: 41वें चक्रधर समारोह की छठवीं सांस्कृतिक संध्या में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का मुख्य आकर्षण पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा रहे। देश के प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने समाज, जीवन और बदलते परिवेश पर आधारित चुटीली रचनाओं से श्रोताओं को देर रात तक हंसाया।
करीब 40 वर्षों से मंच पर सक्रिय पद्मश्री शर्मा ने हास्य के साथ जीवन के गहरे संदेश देते हुए कहा कि व्यक्ति को जीवन में सफलता या पद मिलने पर कभी अकड़ना नहीं चाहिए। रामलीला मैदान में मौजूद दर्शकों ने उनकी सहज शैली का जमकर आनंद लिया।
कवि सम्मेलन की अन्य प्रमुख प्रस्तुतियां:
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डॉ. प्रवीण शुक्ला: 36 वर्षों का मंच अनुभव और 27 पुस्तकों के रचयिता डॉ. शुक्ला ने अपने चिर-परिचित हास्य अंदाज में सामाजिक विसंगतियों पर करारा व्यंग्य किया।
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कविता तिवारी: वीर रस की प्रसिद्ध कवयित्री ने सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का आगाज किया। उन्होंने “कोख में न मारो, बापू बेटी है तुम्हारी” और गांधारी पर आधारित ओजपूर्ण रचनाओं से नारी सशक्तिकरण व सम्मान का संदेश दिया।
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श्रीमती शशि सुरेंद्र दुबे: हास्य कवयित्री ने बेटियों के महत्व और महिला सशक्तिकरण पर विचार रखते हुए कहा कि हंसी निर्मल और निर्दोष होनी चाहिए।
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किशोर तिवारी: गीतकार किशोर तिवारी ने “नया सूरज के नवा अंजोर”, “हरिहर धनिया” और “राम-राम बबा जोहार बूढ़ी दाई” जैसे गीतों से छत्तीसगढ़ी लोकजीवन की महक बिखेरी।
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डॉ. दिनेश दिग्गज एवं अमन अक्षर: उज्जैन के हास्य कवि डॉ. दिनेश दिग्गज ने अपनी व्यंग्य रचनाओं से हास्य के रंग घोले, वहीं गीतकार अमन अक्षर ने भावपूर्ण गीतों से शाम को सुरीला और यादगार बना दिया।