दिल्ली में सियासी घमासान: सुप्रीम कोर्ट के पास रोके गए राहुल गांधी और विपक्षी नेता, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन तेज

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों और बड़े पैमाने पर नाम काटने के आरोपों को लेकर विरोध प्रदर्शन लगातार तेज हो गया है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी दिग्गजों के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारियों का मार्च सुप्रीम कोर्ट की ओर आगे बढ़ा। हालांकि, पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए भगवान दास रोड पर मार्च को रोक दिया और सड़कों को खाली कराना शुरू कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और राजद नेता तेजस्वी यादव समेत कई बड़े नेता शामिल रहे।

विरोध और कानूनी कदम

शीर्ष अदालत में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ एक याचिका भी दायर की गई है, जिसमें चुनावी रोल में कथित अनियमितताओं को लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। इस बीच, दिल्ली मेट्रो के कई प्रमुख स्टेशनों (जैसे जनपथ, मंडी हाउस, राजीव गांधी चौक आदि) के प्रवेश और निकास द्वार सुरक्षा कारणों से एहतियातन बंद रखे गए।

सुपर्च कोर्ट ने हाल ही में केंद्र को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि प्रदर्शनों के दौरान सामान्य मेट्रो सेवाएं और इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रभावित न हो, और किसी भी प्रकार की पाबंदी संविधान के अनुच्छेद 19(2) के तहत जनव्यवस्था के प्रावधानों के अनुकूल होनी चाहिए।

तीखी राजनीतिक बयानबाजी

सड़क पर उतरे राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ संविधान को बचाने की है और चुनाव आयोग को जवाबदेह ठहराए बिना वे पीछे नहीं हटेंगे। दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस प्रदर्शन को विपक्ष की अराजकता करार दिया है। बीजेपी प्रवक्ता अनुराग तकुर ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को नियमों और कानूनों की कोई समझ नहीं है और वे केवल संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना चाहते हैं।

तनावपूर्ण माहौल के बीच दिल्ली पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जबकि विपक्षी दल अपनी मांग पर अडिग हैं।