पुणे पुलिस द्वारा केतन अग्रवाल हत्याकांड में दाखिल की गई 5,053 पन्नों की चार्जशीट में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच के अनुसार, केतन को मौत के घाट उतारने के लिए आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश रची थी।
18 जून को सरप्राइज के बहाने बुलाया आरोपियों ने ‘माही’ नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई, जिस पर एक परिचित महिला की तस्वीर लगाई गई थी। इस फेक अकाउंट का इस्तेमाल करके केतन को मैसेज भेजा गया और 18 जून को सिया के ‘सरप्राइज बर्थडे’ का झांसा देकर लोहगढ़ किले बुलाया गया। पुलिस के अनुसार, यह अकाउंट सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी के कहने पर उनके साथी रितेश हांगे ने बनाया था, जिसे वारदात के बाद मिटा दिया गया।
फिल्में, ChatGPT और पॉडकास्ट का सहारा चार्जशीट में जिक्र है कि आरोपियों ने मर्डर की प्लानिंग के लिए क्राइम फिल्में देखीं, चैटजीपीटी (ChatGPT) की मदद ली और पुलिस की गिरफ्त से बचने के तरीके सीखने के लिए पॉडकास्ट सुने। फिलहाल तीनों आरोपी—सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हांगे—पुणे की यरवदा जेल में न्यायिक हिरासत में हैं।
हादसे का रूप देने की कोशिश, CCTV से खुला राज शुरुआत में केतन की 350-400 फीट गहरी खाई में गिरने से हुई मौत को एक दुर्घटना माना जा रहा था। कहा गया कि फोटो खिंचवाते वक्त पैर फिसलने से यह हादसा हुआ। हालांकि, लोहगढ़ किले के टिकट काउंटर के पास मिले सीसीटीवी फुटेज में हुडी पहने एक संदिग्ध व्यक्ति केतन और सिया का पीछा करता दिखाई दिया, जिसकी पहचान चेतन चौधरी के रूप में हुई।
चार्जशीट के 10 मुख्य बिंदु:
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हत्या की साजिश: पुलिस जांच में स्पष्ट हुआ कि 18 जून को केतन की खाई में गिरकर हुई मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी।
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CCTV फुटेज: टिकट काउंटर के पास हुडी पहने चेतन चौधरी को केतन और सिया का पीछा करते देखा गया।
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लोकेशन छिपाने की चाल: चेतन ने 18 जून को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:40 बजे तक अपना मोबाइल इंटरनेट बंद रखा और फोन दफ्तर में ही छोड़ दिया, ताकि उसकी डिजिटल लोकेशन घटनास्थल पर न दिखे।
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हजारों कॉल्स का रिकॉर्ड: पुलिस को सिया और चेतन के बीच हजारों कॉल और लंबी बातचीत के डिजिटल सबूत मिले हैं।
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पहला असफल प्रयास: 14 जून को भी सिया केतन को लोहगढ़ ले गई थी, जहां उसे धक्का देने की कोशिश की गई, लेकिन केतन झाड़ियों को पकड़कर बच निकला था।
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कैफे में रणनीति: 17 जून को पुणे के एक कैफे में सिया और चेतन ने लोहगढ़ के नक्शे और वीडियो देखकर पूरी योजना बनाई।
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धक्का देने की रिहर्सल: चार्जशीट के अनुसार, दोनों ने केतन को पहाड़ी से धक्का देने का अभ्यास भी किया था।
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सर्च हिस्ट्री बनी सबूत: सिया के फोन की सर्च हिस्ट्री से पता चला कि उसने 2025 में लोहगढ़ में हुई एक महिला की मौत और राजा रघुवंशी हत्याकांड के बारे में सर्च किया था।
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सुपारी देने की कोशिश: रितेश हांगे के जरिए बेंगलुरु में एक दोस्त को सुपारी देकर हत्या कराने का प्रयास किया गया था, जो असफल रहा। उस दोस्त को अब सरकारी गवाह बनाया गया है।
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मजबूत साक्ष्य और गवाह: केस में 80-85 गवाहों के बयान दर्ज हैं (जिनमें 3 प्रत्यक्षदर्शी शामिल हैं)। इसके अलावा व्हाट्सएप चैट, फोटो, CDR और सीसीटीवी जैसे डिजिटल साक्ष्यों को आधार बनाया गया है।