दशहरा रैली को लेकर आमने-सामने आए उद्धव और शिंदे गुट

0
bahamas-55-1696954968

महाराष्ट्र में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और उद्धव ठाकरे सेना के बीच तनाव अब तक शांत नहीं हुआ है। दोनों गुट समय-समय पर एक दूसरे पर निशाना साधने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते। अब दोनों गुट मुंबई के शिवाजी पार्क में होनी वाली सालाना दशहरा रैली को लेकर भी आमने सामने आ गए थे। हालांकि, महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे ने बड़ा फैसला लेते हुए इस विवाद को शांत कर दिया है।

क्यों खास है दशहरा रैली?

मुंबई का शिवाजी पार्क मैदान ऐतिहासिक है। यहीं पर बालासाहब ठाकरे ने शेर की दहाड़ लगाते हुए शिवसेना की स्थापना की थी। पिछले 55 वर्षों से शिवाजी पार्क पर ठाकरे परिवार सालाना दशहरा रैली को संबोधित करते आ रहे हैं। 1966 से लेकर 2012 तक बाला साहब ठाकरे और उसके बाद 2013 से लेकर अब तक उद्धव ठाकरे दशहरा रैली को संबोधित कर रहें हैं। हालांकि, अब शिवसेना में टूट हो चुकी है और उद्धव ठाकरे से उनके पार्टी का नाम और सिंबल दोनों ही छिन गया है।

कौन करेगा शिवाजी पार्क में रैली?
इस साल शिवाजी पार्क पर दशहरा रैली आयोजित करने के लिए ठाकरे सेना और शिंदे सेना ने बीएमसी में याचिका दी थी और दोनों ने कहा था कि वही असली शिवसेना है। दोनों दलों में से किसी एक को भी अगर शिवाजी पार्क में रैली की इजाजत दी जाती तो लॉ एंड ऑर्डर की समस्या हो सकती थी। शायद इसलिए बीएमसी ने याचिका मिलने के बाद भी करीब महीने भर तक कोई फैसला नहीं लिया है। दशहरा रैली के लिए इजाजत मिलने में हो रही देरी पर भड़के ठाकरे सेना ने ऐलान कर दिया था कि अगर बीएमसी ने उनके हक में फैसला नहीं दिया तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। बीएमसी का कहना है कि जल्द ही ठाकरे सेना की याचिका पर फैसला लिया जाएगा।

सीएम शिंदे का बड़ा फैसला
शिंदे सेना ने फैसला किया किया कि हिंदुओं के सबसे बड़े पर्व के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए। शिंदे सेना ने ऐलान कर दिया कि वह शिवाजी पार्क पर अपना दावा छोड़ रहे हैं। सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्होंने दशहरा रैली के लिए क्रॉस  मैदान और ओवल मैदान के लिए अर्जी दी है। राज्य सरकार में मंत्री दीपक केसरकर ने कहा कि उनको (उद्धव सेना) जहां दशहरा रैली करनी है करने दीजिए, हमे कोई झगड़ा नही करना हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विचार तो उनके पास बचे नही है, हिंदुत्व या वीर सावरकर के बारे में कोई बोल दे तो उस पर भी बोलने के लिए कतराते है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *